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Friday, March 28, 2008

सर्व दॆव स्मृति


अखिल लॊक नायक
सर्वलॊक पालका
सर्व जन हित चिंतक
सर्व समय रक्शक


सर्व क्शेत्र व्यापि दॆव
सर्व शक्त स्वामि
सर्व सौख्य दाय़क दॆव
सर्व ञान दायक

सर्व वर्ग जन वंदित
सर्व जन ह्रुदय विहार
सर्व विशय संप्रेरक
सर्व विजय दायका

सर्व वॆद शास्त्र सारा
सर्व पाप परिहारा
सर्व क्लॆश् संहारा
सर्व ह्रुदय संचारा

श्री दत्तात्रेया


श्री सद्गुरु चरणं भजाम्यह्ं
सद्गुरु चरणं भजाम्यहं
त्रिमूर्ति रूप्ं भजंयहं
दत्तात्रॆयं भजाम्यहं

तॆजोरूपम् भजाम्यहं
त्रिगुणातीतं भजाम्यहं
तापसजनप्रियम् भजांयहं
तापहरण गुरुं भजांयहं

मम सद्गुरु पूजितं भजांम्यहं
मम ह्रुदय विहारिं भजाम्यहं
ममकार नाश्ं भजाम्यहं
मन्दस्मित मुखं भजाम्यहं

संरक्शण गुरुम् भजाम्यहं
संतति दायकं भजाम्यहं
संगरहित यतिं भजाम्यहं
संत्रुप्ति प्रतिरूपं भजाम्यहं

श्री अष्टलक्श्मी


अष्ट लक्श्मि पाहिमां
अच्युतप्रियॆ पाहिमां
अमर व्रुन्द वन्दितॆ पाहिमां
अति तॆज शोभितॆ पाहिमां


धन प्रदाते धन लक्श्मि पाहिमां
विध्या दाते विद्या लक्श्मि पाहिमां
धैर्य प्रदाते धैर्य लक्श्मि पाहिमां
विजयदाते विजयलक्श्मि पाहिमां

धान्य दाते धान्य लक्श्मि पाहि मां
संतान दाते संतानलक्श्मि पाहिमां
गजवाहिनि गजलक्श्मि पाहिमां
सौभाग्य दायिनि सौभाग्य लक्श्मि पाहिमां

अष्ट लक्श्मि रूपेण पूजिते पाहिमां
अष्ट दिक्पालक पूजितॆ पाहिमां
अष्टैश्वर्य प्रदायिनी पाहिमां
अष्टाक्शर प्रिय नारायण वल्लभे पाहिमां

श्री रामेश्वर

रामॆश्वर पुर वास
रावण पूजित ईश
रामचन्द्र वन्दित परमॆश
राग द्वेश अहंकार अञ्य़ान नाश

समुद्र तीर वासप्रिय
सकलजन आराधन प्रिय
साम वॆद गान प्रिय
साम्ब सदाशिव हे पार्वति प्रिय

सर्व पाप परिहार
भक्त ह्रुदय संचार
भुवनैक सुन्दर हर
भाग्य दाता परमॆस्वर

विश्व जन मंगल दाता
विश्वमान्य विख्याता
वैराग्य निधि प्रदाता
विश्वॆश्वर विजय दाता

संसार बंध नाशक
संतान वर दायक
संकष्ट परिहारक
समस्त विश्व शुभ कारक

Thursday, March 27, 2008

श्री वाणी


पाहि पाहि सततं वाणी
पाहि पाहि वीणापाणि
पाहि पाहि सरसवाणि
पाहि पाहि वाणि

पाहि पाहि ञ्यान दायिनि
पाहि पाहि विद्या दायिनि
पाहि पाहि सौभाग्य दायिनि
पाहि पाहि वाणि

पाहि पाहि ब्रम्ह राणि
पाहि पाहि पुस्तक पाणि
पाहि पाहि सुभाषिणि
पाहि पाहि वाणि

पाहि पाहि गीर्वाणि
पाहि पाहि शुभ्कारिणि
पाहि पाहि संतान दायिनि
पाहि पाहि वाणि

श्री.शारदा माता

आवनी श्रिंगॆरि माता
आवनी महास्वामि पूजिते
आलय वासप्रिये हॆ माता
आराधन प्रियॆ जगन्माता

शरदॆन्दु वदनॆ शारदा माता
शरणागत जन रक्शकि माता
शतनामप्रिये शारदा माता
शास्त्र ञ्य़ान प्रदाते माता

विद्याशंकर विद्यारण्य आचार्य
नित्य पूजितॆ माता
विनय विवॆक वैराग्य प्रदाते माता
विश्व वन्दितॆ जगन्माता

भक्त ञ्यान वर प्रदाते माता
भक्ति मुक्ति वरदाते माता
बन्धन मॊचन प्रदाते माता
भाग्य विधाते जगन्माता

आवनी श्रिंगॆरी स्वामिनः

आवनी परमगुरुं भजॆहं
अध्यात्म मार्ग निश्णातम् भजॆहं
आदर्श महा यतिवरम् भजॆहं
आराद्य दैवं मम ह्रुदय वासं भजॆहं

शारदा माता आराधकं भजॆहं
शरदॆन्दु वदनं भजॆहं
शास्त्रविद्या कॊविदं भजॆहं
शरण जन रक्शकं भजॆहं

दत्तात्रॆय पूजाप्रियं भजॆहं
दयाह्रुदयं धीमंतं भजॆहं
धर्म मार्ग प्रवर्तकम् भजॆहं
दारुण द्ःख निवारकं भजॆहं

विद्याशंकर महास्वामिं भजॆहं
विनय विवॆक प्रदातं भजॆहं
विश्व विख्यात वाचस्पतिम्भजॆहं
वाग्दॆवी प्रसादं भक्त जन प्रदातं भजॆहं

Wednesday, March 26, 2008

मुल्बागल् आन्जनॆय

पूर्वद्वार क्शेत्र वास आंजनॆय्
पुण्य श्लोका प्रभु आंजनॆय
परमभक्त द्दुरंधर आंजनॆय

परम सॆवा प्रिय आंजनेय
सीता मुद्रिका प्रधात आंजनेय
समुद्र लंगन शूर आंजनॆय

संजीविनि गिरिधारि आंजनॆय
संकट परिहारक आंजनॆय
रामदास रामभक्त आंजनॆय

रामनाम स्मरण प्रिय आंजनॆय
रामचन्द्र प्रिय सॆवक आंजनेय
रत्न द्वय प्रदात स्वामि आंजनॆय

कुरुडुमले श्री सुब्रमण्य

कुरुडुमले दिव्य क्शेत्रे विराजित
षण्मुख दॆव नमॊ नमॊ
कुमार स्वमी सूर सम्हारा

शंकर पुत्रा नमॊ नमॊ
आवनि सद्गुरु पूजित
आशापाश विनाशक ईश

आर्तत्राण परायण दॆव
अनन्द दायक आदिशॆष्
कुक्केपुर श्री क्शॆत्र वासा

कुलदेवता स्वामि वल्लीश
कुलवर्धक संतान प्रदात
कुमार भक्त जन वरदात

कुरुडुमले विघ्नेश्वर

कुरुडुमले विघ्नेश्वर
कुमार ज्येष्ट सोदर
क्रुपया पालय माम् पापहरा

कारुण्यसिन्धॊ पाशांकुशधरा
अति महॊन्नत गात्र
भक्त विश्वास पात्रा

भक्ति मार्ग दिव्य सूत्र
अनुष्टान भक्त जन मित्र
आवनि श्रिंगॆरि महास्वामि पूजित

आराधनप्रिय सुचरित
अम्बिकातनय अनुग्रहप्रिय
आश्रित जन वंश दीप प्रदात

श्री.गिरिजा माता

गिरिजादॆवी महादॆवी
गौरी देवी गंगाधर भामिनि
गणेश गुह प्रिय जननि
गन्ध पुष्प हरिद्रा कुम्कुम प्रियॆ


पर्वत वर्धिनि पापविनशिनि
पामर जन वन्दितॆ जगज्जननि
पन्डित पामर वन्दिते कल्याणि
पन्कजनाथन सॊदरी नारायणि

अभिषेक अर्चन सहस्रनाम
अलंकार सेवा प्रिये दॆवि
आर्थत्राण परायिणि दॆवि
आयुरारॊग्य ऐश्वर्य मॊक्श्प्रदायिनि

संगीत साहित्य प्रिये दॆवि जननि
संकल्प मात्रॆण दुःख निवारिणि
सांबसदाशिव ह्रुदयवासिनि
सन्तान सौभाग्य भक्त प्रदायिनि

Tuesday, March 25, 2008

श्रीकंटॆश्वर

कपिलनदि तीरॆ विराजित
श्रीकन्टॆस्वर नमॊ नमॊ
गिरिजामाता समॆत विराजित
गिरिजापति स्वामि नमॊ नमॊ

विघ्नॆश्वर समॆत विराजित
विश्वेश्वर स्वामि नमॊ नमॊ
सुब्रमंण्य स्वामि समॆत विराजित
सुन्दरेश्वरा नमॊ नमॊ

महा नन्दी वहन रूडा
महादॆव प्रभु नमॊ नमॊ
मन्मथ नाशक मॊक्श प्रदाता
महिमान्वित स्वामि नमॊ नमॊ

अभिशेकप्रिय अर्चनसॆव
अराधन प्रिय नमो नमो
आश्रितवत्सल अन्धकासुर संहर
अपद्भांधव नमॊ नमॊ

सामवॆद प्रिय सायुज्यढाता
सारसाख्श प्रिय नमॊ नमॊ
स्ंतति वर प्रदायक दॆव
साम्ब सदाशिव नमॊ नमो

कीर्थि नारायण

श्री कीर्तिनारायणं भजेहं
कावॆरी तीरवासं भजेहं
कमनीय रूपं भजॆहं
कमला प्रिय वल्लभं भजेहं


शन्क चक्र धरम् भजेहं
शंबु चथुर्मुख पूजितं भजेहं
शरणागतजन रक्शकम् भजेहं
श्यामसुन्दरम् शतनामप्रियम् भजेहं

लक्श्मीपतिमहं भजेहं
लावन्य विग्रहं भजेहं
लीला मानुश रुपम् भजेहं
लॊककल्यान कारकं भजेहं

सततं ह्रुदय वासं भजेहं
सन्मार्ग प्रवर्तकं भजेहं
सायुज्य दातं भजेहं
संतति वर प्रदातं भजेहं

बहुमुख ईश्वर

वैड्येश्वर् समेत विझ्रुंभित
पापविनाशक पातालेश्वर
मन्गळ्दायक मल्लेस्वर
मंजुनाथ मल्लिकार्जुनेश्वर
अमरव्रुंद पूगित अर्कॆश्वर
अंबिकापति विश्वेस्वर
अम्बर वसित दॆवगण व्ंदित
अखिल लॊकजन सायुज्यदाता
दक्शिनकाशी क्शेत्र विराजित
दयाह्रुदय सदा तपॊ निरत
दक्श यग्य़ विनाशक दॆव
धरनिजन कुलदीप प्रदाता

मनोन्मनि माता

मनोन्मनि जगन्मोहिनि
मां पाहि सततं शिवभामिनि
समर विद्या कुशले सिंहवाहिनि
सततम् पालयमां जगन्मोहिनि
शक्ति स्वरूपिणि शंकरभामिनि
शरणागत जन रक्शकि कात्यायिनि
शरवण विग्नेश्वर प्रिय जननि
शत्रुभयंकरि शाखांबरि जननि
कुंकुमार्चन प्रिये देवि कल्याणि
कामितार्थ फल प्रदायिनि
कारुण्य ह्रुदये माते म्रुदुभाशिनि
कुलदीप प्रदायिनि नारायणि

Monday, March 24, 2008

स्री वैध्येश्वर

दक्शिण काशी क्शेत्र वासा
वैद्येश्वरम् भजेहम्
मनोन्मनि ह्रुदय वल्लभ
महादेवम् मदनारिम् भजेहम्
कावेरीतीर वासम् भजेहम्
कामितदायक कामेश्वरम् भजेहम्
कमलापति नरायण मित्रम्भजेहम्
कामितदायकम् करुणा ह्रुदयम् भजेहम्
पन्चलिंग सेवा सुप्रीतम् भजेहम्
पंचाक्शरप्रियम् पुण्य प्रदातंभजेहम्
परमार्त मोक्श वरप्रदातंभजेहम्
पुत्र भाग्य भक्त वरप्रदातंभजेहम्

शबरिमला ऐय्यप्पा

शबरिमला क्षेत्रवासा ऐय्याप्पा
शरणागत जन रक्षक ऐय्याप्पा
शत्रु मर्दन प्रिय ऐय्याप्पा
शंकर हरी सुपुत्र ऐय्याप्पा
नियम पालन प्रिय ऐय्याप्पा
नित्य वंदन प्रिय ऐय्याप्पा
नाद गीत गान प्रिय ऐय्याप्पा
नमस्कार कैंकार्य प्रिय ऐय्याप्पा
पंगल राज कुमार ऐय्याप्पा
पंडित पामर वन्दित ऐय्याप्पा
परम दयाल ह्रदय ऐय्याप्पा
पाहिमां सततं स्वामि ऐय्याप्पा
सकल भोग भाग्य दात ऐय्याप्पा
समर कुशल रणधीर ऐय्याप्पा
सत्य धर्मं रक्षक ऐय्याप्पा
सत्संतान दात स्वामि ऐय्याप्पा

२.श्री सुब्रमण्य

पार्वती पुत्र सुब्रमण्य
शंकर कुमार सुब्रमण्य
देव सेनापति सुब्रमण्य
दया हृदय प्रभु सुब्रमण्य
कुक्केपुर वासा सुब्रमण्य
कुमार धारा प्रिय सुब्रमण्य
कामित दायक सुब्रमण्य
कैवल्य दाता सुब्रमण्य
शष्टि प्रिय स्वामि सुब्रमण्य
सूर सम्हारा सुब्रमण्य
शिशु वर प्रदाता सुब्रमण्य
शन्मुक प्रिय वन्दित सुब्रमण्य

श्री विग्नेश्वरा

पाहिमां सततं विग्नेश्वरा
प्रमेश्वरा प्रिय सुकुमारा
पार्वती कुमार मनोहरा
प्र्णमामी अहम् त्वां भवरोगहरा
मूषिका वाहन महासुन्दरा
मदन मात्सर्य मोह सम्हारा
मंदस्मित वदना मनोहरा
मंदिर वास प्रिया पाशांकुशधरा
सकल वेद मंत्र सारा
ओंकार रूपा वरदाभयकर
वित्त ज्ञान मोक्ष प्रदाता
संतान संसार भाग्य प्रदाता
सुलभ रूप आराधनाप्रिया
सुर गण मुनिजन अभिनन्दन प्रिय
सुकृत पुण्य विशेष फल दाता
सुकुमार सोदर स्वामी महोन्नत

Sunday, March 23, 2008

श्री विग्नेश्वरा

पाहिमाम सततं विग्नेस्वरा
परमेस्वर प्रिया सुकुमारा
पार्वती कुमार मनोहरा
प्रनामाम्यहम त्वाम भवरोगाहरा
मूषिका वाहन महासुन्दारा
मदन मात्सर्य मोह सम्हारा
मंदास्मित वदना मनोहरा
मंदिर वास प्रिया पाशांकुशधरा
सकल वेद मंत्र सारा
ओंकार रूपा वरदाभयकर
वित्त ज्ञान मोक्ष प्रदाता
संतान संसार भाग्य प्रदाता
सुलभ रूप आराधनाप्रिया
सुरगुण मुनिजन अभिनन्दन प्रिया
सुकृत पुण्य विशेष फल दात
सुकुमार सोदर स्वामी महोन्नत